नेताजी की बापू के साथ क्यों हुए मतभेद

0
445

 

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिसा के शहर कट्टक में हुआ था । भारत की आज़ादी में बोस ने भी एक बहुत बड़ा योगदान दिया था, बोस के अंदर देशभक्ति का जुनून बचपन से ही भरा हुआ था । आज़ादी की लड़ाई के दौरान नेताजी की बुद्धि और साहस ने अंग्रेजों के नाक में दम कर रखा था । बोस की ज़िन्दगी पर स्वामी विवेकानंद की शिक्षा का बहुत ही गेहरा प्रभाव था और वह उन्हें अपना आध्यात्मिक गुरु मानते थे । 

बोस के पिता उन्हें सिविल सर्विस में भेजना चाहते थे इसी वजह से बोस इंडियन सिविल सर्विस में शामिल तो हुए लेकिन जल्द ही उन्होंने इस्तीफा भी दे दिया । 1923 में बोस अखिल भारतीय कांग्रेस में शामिल हुए । पर साल 1928 से कांग्रेस के युवा नेता और वरिष्ठ नेताओं के बीच विचारों में अंतर आने लगे । गांधीजी और उनके आज़ादी को हासिल करने के तरीके से बोस सहमत नहीं थे जिसकी वजह से दोनों के विचारों में मतभेद आ गए जिसकी वजह से उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस के पद से साल 1939 में इस्तीफा दे दिया ।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ये मानते थे की अंग्रेजों को भारत से निकाल फेंकने का सबसे सही अवसर दूसरा विश्व युद्ध था । यही वजह थी की बोस ने साल 1943 में जर्मनी और जापान से हाथ मिलाया और देश के बाहर भारतीय सेना को इकठ्ठा कर आज़ाद हिंद फौज़ की स्थापना की । आज़ाद हिंद फौज के साथ मिल कर उन्होंने अंडमान और निकोबार आइलैंड को आज़ादी दिलाई जिसके बाद उनका लक्ष्य दिल्ली बनी । 1945 में बोस की मृत्यु हो गई और आज भी उनकी मृत्यु की सच्चाई देश के लिए एक रहस्य है ।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here