क्यों जवाहरलाल नेहरू अपने पिता के खिलाफ गए

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देश के पेहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। नेहरू का जन्म दौलतमंद परिवार में हुआ था , वो मोतीलाल नेहरू के बेटे थे। जवाहरलाल नेहरू ने 15 वर्ष के होने तक घर में ही पढ़ाई की आगे की पढाई के लिए वो लंदन चले गए। लंदन में रहने के दौरान उनकी रूचि राजनीती, साहित्य, अर्थशास्त्र और इतिहास में बढ़ गई। 1912 में वो भारत वापस आ गए और अल्लाहाबाद हाई कोर्ट से जुड़ गए। 1921, नेहरू ने कांग्रेसी समिति के महासचिव के रूप में पहली नागरिक अवज्ञा अभियान में भाग लिया जिसकी वजह से उन्हें पहली बार उनकी गिरफ्तारी हुई।

1930 में नेहरू की नमक कानून का उल्लंघन करने के लिए गिरफ्तारी हुई। 1942 में उन्होंने पूर्ण स्वराज के लिए रैली की। 1947 में नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री के रूप में ध्वज फहराया और अपनी प्रतिष्ठित भाषण “ट्राइस्ट विथ डेस्टिनी” दी। 1951 में उन्होंने देश की “पहली पाँच वर्षीय योजना” शुरू की। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारत के पहले अंतरिक्ष कार्यक्रम जैसे देश के शीर्ष स्तर के संस्थानों की कल्पना करके भारत के शैक्षिक उत्थान के लिए मार्ग प्रशस्त किया। साल 1964 में नेहरू की मृत्यु हो गई।

जवाहरलाल नेहरू को बच्चों प्यार था वो अपना समय बच्चों के साथ गुज़ारना पसंद करते थे। नेहरु बच्चों के बीच चाचा नेहरू के नाम से प्रख्यात थे। बच्चों के प्रति उनके प्रेम और लोकप्रियता की वजह से जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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