जावेद अख़्तर के जन्मदिन पर कुछ खास बातें

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“जब तक बैठने को न कहा जाए शराफत से खड़े रहो ये पुलिस स्टेशन है तुम्हारे बाप का घर नहीं। ” पहचाना डायलॉग्स भले ही अमिताभ बच्चन ने कहे हो। लेकिन लफ्ज़ है जावेद अख़्तर के जिन्होंने कई हिंदी फिल्मों के लिए डायलाग और गीत लिखे। सलीम खान के साथ मिलकर उन्होंने शोले हांथी मेरे साथी जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। लेकिन इसके बाद दोनों ने अपने रास्ते अलग कर लिए। अलग होने के बाद जावेद ने सिलसिला के बोल लिखे।

जिसमें उन्होंने पहली बार अकेले काम किया था। जावेद अख्तर ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन गानों की बोल और फिल्में दीं। जावेद साहब की निजी ज़िन्दगी की बात की जाए तो उनकी दो शादियां हुई थीं। पहली बीवी हनी ईरानी से उन्हें दो बच्चे ज़ोया और फरहान अख्तर हैं और उनकी दूसरी बीवी अभिनेत्री शबाना आज़मी हैं। जावेद साहब को अपने काम के लिए 1999 में पद्म श्री और 2007 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया उन्होंने 8 बार फिल्मफे यर भी जीते। जावेद अख़्तर के इतने प्यारे गीत हैं इसमें आपको सबसे ज़्यादा कौन से पसंद हैं कमेंट कर के हमें बताइये ?

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