जानिए सब कुछ कीटो डाइट के बारे में

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‘भूमि पेडनेकर’ को तो आप सब जानती ही होंगे। हांजी मैं बात कर रही हु “दम लगा के हइसा” की अभिनेत्री की जिन्होंने फिल्म में काफी मोटी महिला का किरदार अदा किया। लेकिन कुछ ही समय में हमने उन्हें स्लिम देखा। ये कैसे संभव हुआ ?

ये हम सभी के मन में आता है के आखिर इतने इतने जल्दी जल्दी ये एक्टर्स कैसे वजन कम करलेते है बड़ा लेते है। हालांकि वजन बढ़ाना तो आसानी से हो जाता है परंतु इससे कम करने में सच में दम लगा के हईसा हो ही जाता है।

हम आज आपको बताएंगे उस रहस्य के बारे में जिससे वजन कम करने में आपको इतना लम्बा वक़्त नहीं लगेगा। वजन कम करने में व्यायाम की तो एहम भूमिका है ही लेकिन इसके साथ साथ आपका डाइट का भी बहुत बड़ा किरदार है।

आज हम चर्चा करेंगे ऐसी ही डाइट के बारे में जिससे आपका वजन बहुत ही कम समय में घट सकता है। वजन कम भी इस डाइट के कई सारे फायदे है हम आपको उनसभी के बारे बताएंगे।

जी हाँ दोस्तों हम बात कर रहे है कीटो डाइट की। आपमें से कई लोग इसके बारे में जानते भी होंगे ।

कीटोजेनिक डाइट मुख्य रूप से वजन घटाने में सबसे ज्यादा कारगर साबित होती है । इसमें आपका शरीर ऊर्जा के स्रोत के रूप में फैट का इस्तेमाल करता है जिस वजह से आपके शरीर का वजन घटता है। भूमिका के अलावा सोनाक्षी सिन्हा और अर्जुन कपूर जैसे सेलिब्रिटीज ने भी कीटो डाइट के सहारा से वजन को घटाया है।

अब जो नहीं जानते के क्या है ये कीटो डाइट उनके लिए हम बता देते है यह है क्या ? कीटो डाइट सीधी भासा में कहे तो “कम कार्बोहाइड्रेट” की डाइट है । इसके अलावा यह कीटोजेनिक डाइट, लो कार्ब डाइट, फैट डाइट जैसे नामों से भी जाना जाता है ।

इस डाइट की सहायता से शरीर ऊर्जा के उत्पादन के लिए लिवर में कीटोन उत्पन्न करता है । साधारण तौर पर जब आप ज्यादा कार्बोहाइड्रेट का खाना खाते हैं, तो आपका शरीर ग्लूकोज और इंसुलिन का उत्पादन करता है और चूंकि आपका शरीर ग्लूकोज को प्राथमिक ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करता है तो इसलिए आपके खाने में मौजूद फैट आपका शरीर संग्रहित कर लेता है।

जब के कीटो डाइट में कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करके फैट से ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है । इस प्रक्रिया को “कीटोसिस” कहते है। आपको जान कर हैरानी होगी लेकिन कीटो डाइट में फैट का सेवन ज़्यादा, प्रोटीन का मीडियम और कार्बोहाइड्रेट का कम सेवन किया जाता है । इस डाइट में लगभग 70 प्रतिशत फैट, 25 प्रतिशत प्रोटीन, और 5 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट होना चाहिए ।

मैं बताना चाहूंगी के यह जो डाइट है वो शाकाहारियों के लिए नहीं है। क्यों के मुख्यतर जो कीटो के जो फूड वह मांसाहारी खाने में पाया जाता है। यानि के हाई प्रोटीन डाइट।

चीज़ और पनीर नहीं उपलोग कर सकते इस डाइट में क्युके कीटो डाइट में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा काफी कम करनी पड़ती है और इनमे प्रोटीन के साथ साथ कार्बोहाइड्रेट भी बहुत ज़्यादा है। यह आपके लीवर की सफाई में भी सहायक है ।

कीटो डाइट में गेहूं, मक्का, चावल अनाज आदि की मनाही है। वहीं चीनी का इस्तेमाल भी बहुत कम मात्रा में किया जाता है। फलों में सेब, केले और नारंगी का सेवन नहीं करना चाहिए। क्युकी केला एक ऐसा फल है जो वजन कमाने और बढ़ाने दोनों में सहायक है इस कारण यदि केला खाते भी है तो खाली पेट में एक केला वजन कम करने में फायदेमंद होता है। वहीं आलू और जिमीकंद को भी खाने से मना किया जाता है।

कीटो डाइट में मछली, मटन, चिकन और अंडे का सेवन कर सकते हैं ।
पत्तेदार साग जैसे पालक और मेथी का खूब सेवन करना चाहिए। वहीं ब्रोकली, फूलगोभी को भी अपने डाइट चार्ट में ज़रूर शामिल करना चाहिए। इसके अलावा कीटो डाइट में चीनी की मात्रा कम होने की वजह से ये “मधुमेह” में बेहद लाभकारी है। यह शरीर के शुगर लेवर को नियंत्रित करके रखता है ।

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