एनएस 1 परीक्षण के माध्यम से शुरुआती चरण में डेंगू बुख़ार के बारे में जानें

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डेंगू बुख़ार एक ऐसी बीमारी है जिससे लड़ना हमारे शरीर के लिए आसान नहीं होता । डेंगू बुख़ार के लक्षण आसानी से समझ नहीं आते क्योंकि इनके लक्षण तेज़ बुख़ार की तरह होते हैं । डेंगू बुख़ार एडीज मच्छर के कॉटनी से होता है जो की ठेहरे हुए पानी में पनपते हैं, इस मच्छर के काटने से बीमार होने के कई मामले हर साल सामने आते हैं ।

इस साल डेंगू बुख़ार के करीब 800 मामले सामने आए हैं, और ऐसे में ये बहुत ज़रूरी हो जाता है कि आप इसके लक्षणों को नज़रंदाज़ न करे और एनएस 1 टेस्ट वक़्त रहते करवाएं ताकि समय रहते इस बुख़ार का पता लग सके। तो आइये जानते हैं क्या है एनएस 1 टेस्ट।

एनएस 1 टेस्ट यानी नॉन स्ट्रक्चरल प्रोटीन टेस्ट , इस टेस्ट के करवाने से आपको शुरूआती स्टार पर ही डेंगू के होने का पता लग सकता है । एनएस 1 टेस्ट भारत में 2010 में अपनाया गया था, इस टेस्ट के ज़रिये ऐसे वायरस का पता लगाया जा सकता है जिनका पता नहीं लगाया जा पाता । एनएस 1 एक एंटीजन टेस्ट है जिसकी वजह से डेंगू का पता लगाना आसान हो जाता है । दरअसल जब भी हमारे शरीर में कोई एंटीजन प्रवेश करता है हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली इसका पता लगा लेती है और इसके गुणों को कॉपी कर लेते हैं ताकि भविष्यऐं इसके आक्रमण से बचा जा सके ।

अगर आप तेज़ बुख़ार, शरीर में दर्द, उल्टियां या चक्कर आने जैसे लक्षणों के लिए एंटीबॉडी टेस्ट करवाते हैं तो ये आपके शरीर में डेंगू वायरस के वजह से के रिएक्शन के वजह से बनने वाले एंटीबॉडी का पता लगा सकता है । लेकिन ऐसा 5 दिनों के बाद ही हो सकता है क्योंकि ये एंटीबॉडी 5 दिनों के बाद पनपते हैं । लेकिन एनएस 1 टेस्ट पहले दिन से ही डेंगू के वायरस को पहचान सकता है । ऐसे में अगर आपको तेज़ बुख़ार, बदन दर्द इत्यादि जैसी तकलीफ होती है तो बेहतर है आप एनएस 1 टेस्ट करवाएं ताकि समय रहते डेंगू के बुख़ार का पता लगाया जा सके ।

कैसे होता है ये टेस्ट ? 

एनएस 1 एंटीजन का पता लगाने के लिए एनएस 1 एजी स्ट्रिप का इस्तेमाल किया जाता है । मरीज़ के खून को निकालने के 15 मिनट के बाद इस टेस्ट किट का इतेमाल किया जाता है और डेंगू की अगले 30 मिनट में की जाती है । टेस्ट नेगेटिव हो तो डेंगू का ख़तरा नहीं होता लेकिन पॉजिटिव परिणाम होने का मतलब डेंगू का होना है । इस टेस्ट के ज़रिये आप डेंगू का पता प्राथमिक अवस्था में जी लगा सकता है ।

समय पर अगर डेंगू के बुखार का पता न लगाया जाए तो ये बिमारी इंसान के लोए जानलेवा भी हो सकती है । ये बहुत ज़रूरी है कि अगर आपको तेज़ बुख़ार हो तो आप जल्द से जल्द इसकी जांच करवायें और न की इंतज़ार करें । समय पर अपने डॉक्टर से मिलने पर आप इस जानलेवा बीमारी से बच सकते हैं ।

 

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