भारत में सेकंड हैंड बुल्लेट कैसे खरीदें

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भारत में लगभग 60,000 करोड़ की है सेकंड हैंड चीज़ों का बाज़ार जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा ऑटोमोबाइल्स का है। वैसे तो आज कल सबकुछ ऑनलाइन मिलता है यहाँ तक की ऑटोमोबाइल्स भी लेकिन बिना सही जाँच पड़ताल के आप इन्हे नहीं खरीद सकते। कई बार हम सेकंड हैंड बुलेट खरीदते वक़्त कई ज़रूरी चोजों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं जिसकी वजह से आपको पछताना पड़ सकता है।

सेकंड हैंड बुल्लेट खरीदने से पहले कुछ ज़रूरी कागज़ात जैसे की आर सी बुक, इन्शुरन्स, VIN नंबर और अउ गाड़ी की ओरिजिनल इनवॉइस को अच्छे से चेक कर लेना चाहिए। इसके अलावा RC बुक पर लिखे VIN नंबर को बाइक के आगे की फ्रेम पर लिखे नंबर से चेक कर लेना चाहिए। हालांकि आपको सेकंड हैंड बुल्लेट मार्केट से कम दाम में मिलेगी लेकिन सिर्फ कम दाम होना ही काफी नहीं है।

बुल्लेट खरीदते वक़्त सिर्फ उसके कई ज़रूरी पार्ट को अच्छे से चेक करने की ज़रूरत होती है। सेकंड हैंड बुल्लेट खरीदने से पहले आपको ये देखना चाहिए की उसके पार्ट्स जैसे गेयर, ब्रेक, गैस्केट ठीक है या नहीं। इसके अलावा आपकी गाड़ी के फोर्क और रिम में कोई बेंट न हो इस बात का भी ध्यान रखें क्यूंकि इनके डैमेज होने की वजह से आपकी गाड़ी की मूल सुरक्षा से समझौता हो सकता है। रियर शॉक अब्सॉरबर या गैस्केट में कोई लेकगे न हो इस बात का भी पूरा ध्यान रखना होता है।

इसके अलावा आपको गद्दों में गाड़ी को चला कर ये जांच करनी चाहिए की किसी तरह की आवाज़ तो नहीं आ रही, या ब्रेक मारते वक़्त कोई आवाज़ तो नहीं आ रही। गाड़ी की ऊपर की तरफ इस बात पर ध्यान दें की मीटर के साथ कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई या कही स्क्रू ड्राइवर के निशाँ तो नहीं, इलेक्ट्रिक मीटर भी ध्यान से चेक करें। इस बात पर भी ध्यान दें की साइलेंसर डगमगाती तो नहीं या धुंए तो नहीं छोड़ती।

इसके अलावा हॉर्न, हेडलाइट, इंडिकेटर्स, पेंट वह्गैरह भी चेक करें। इन सभी चेकिंग के बाद ही आप सेकंड हैंड बुल्लेट को खरीदने के लिए आगे बढ़ें। गाड़ी खरीदते वक़्त सभी तरह के कागज़ों और पार्ट्स की जांच पड़ताल के बाद आप अपनी गाड़ी घर लाइये और एन्जॉय कीजिए।

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