धारा 377 का खंडन

0
556

 

आज भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने समलैंगिकता पर एक बड़ा फैसला सुनाया और धारा 377 को खंडित कर दिया। भारत के इतिहास में ये बहुत बड़ा फैसला है और उन लोगों के लिए एक बहुत जीत है जिन्होंने अपने लिंग और अलग पसंद की वजह से इस देश में लम्बे समय तक तकलीफ सही है। धारा 377 को खंडित करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने सुनाया। जिसके अनुसार सामान लिंग के लोगों के बीच के रिश्ते को गुनाह नहीं माना जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में सुनाए गए अपने ही फैसले को उलट दिया है। 2013 में कोर्ट ने इसे गुनाह मानने का फैसला किया था जिसके तहत सामान्य लिंग में रिश्ता बनाने पर १० साल तक की जेल की सज़ा रखी थी। इस धारा के खंडित किये जाने पर समलैंगिक लोगों में ख़ुशी की एक लेहेर बहने लगी और पुरे भारत देश में लोगों ने इसे बड़े उत्साह से मनाया। ये न सिर्फ उनके लिए बल्कि भारत के लिए भी बड़ा कदम है सामान्यता की ओर और हमें बदलाव की तरफ और भी कई कदम लेने हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here