भारत रत्न : क्यों हुए थे सचिन तेंदुलकर एक मैच के लिए बैन

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महान भारतीय बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर का जन्म 24 अप्रैल 1973 को मुंबई के शहर में हुआ था। सचिन तेंदुलकर अपने क्रिकेटिंग करियर में जितने शांत स्वाभाव के थे बच्पन में उनका स्वाभाव उसके बिलकुल ही विप्रीत था। सचिन बच्पन में धौंसिया किस्म के थे उनके इसी स्वाभाव पर लगाम लगाने के लिए उनके भाई ने उनका ध्यान खेल की ओर आकर्षित किया।  जिसके बाद सचिन ने क्रिकेट के खेल में कदम रखा और साल 1989 को अपना पहला इंटरनैशनल  टेस्ट मैच पकिस्तान के खिलाफ खेला। इसी साल उनका चुनाव वन डे इंटरनैशनल क्रिकेट के लिए भी किया गया।

करियर की शुरुआत के बाद सचिन ने कई रिकार्ड्स तोड़े और इसके साक्षी दुनिया के सभी लोग हुए। वो पहले भारतीय बने जिन्होंने ODI में 10,000 रन साल 2001 में पुरे किये। इसी साल माइक डेनेस ने बॉल टैंपरिंग का इलज़ाम भी उनपर लगाया था जिसकी वजह से उनपर एक टेस्ट का बैन लगाया गया लेकिन इसी साबित नहीं किया जा सका और बैन उनपर से हटाया गया।

साल 2012 सचिन ने 100 , शतक बनाए और उन्होंने वन डे क्रिकेट से भी रिटायरमेंट ली। इसी साल उन्होंने 34,000 रन बना कर इतिहास रच दिया। 23 दिसंबर 2012 तेंदुलकर ने वन डे क्रिकेट से संन्यास ले लिया। साल 2013 में तेंदुलकर ने आईपीएल के साथ सभी तरह के क्रिकेट फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। तेंदुलकर एक मात्र ऐसे क्रिकेट खिलाड़ी हैं जिन्हे राजीव गाँधी खेल रत्न , अर्जुना पुरस्कार और पद्मश्री से नवाज़ा गया है। इसके अलावा उन्हें भारत रत्न से भी नवाज़ा गया है।

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