क्या भारत की मुद्राएं चीन में छापी जा रही हैं ?

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साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट द्वारा प्रकाशित किये गए एक अनुच्छेद ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर एक बहस की शुरुआत कर दी है। इस अनुच्छेद के मुताबिक भारत समेत कई देशों ने चीन को अपनी मुद्राएं मुद्रित करने की अनुमति दे दी है। इस अनुच्छेद के शीर्ष में लिखा है “क्यों दूसरे देश चीन को मुद्राएं छापने की लाइसेंस दे रहा है?” (Why other countries are giving China a licence to print money)

ट्विटर पर हो रहे इस बेहेस में लोग इस बात को ले कर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। 12 अगस्त को प्रकाशित हुए इस पोस्ट के अनुसार चीन में एक विशाल पैमाने पर विदेशी मुद्राएं मुद्रित की जा रही हैं क्योंकि बीजिंग विश्व अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति पर चीनी प्रभाव को बढ़ाना चाहता है।

इस अनुच्छेद में इस बात का भी उल्लेख है की 2013 में बेल्ट एंड रोड प्लान की शुरुआत ने चाइना बैंक नोट प्रिंटिंग एंड मींटिंग कॉर्पोरेशन ने इस अवसर को जब्त करते हुए भारत , थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया जैसे कई देशों की मुद्रा उत्पादन के लिए सफलतापूर्वक अनुबंध प्राप्त किए हैं। इस योजना की शुरुआत बीजिंग ने दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को भूमि और समुद्री मार्गों के नेटवर्क के साथ जोड़ने के लिए की थी।

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इस चीनी पत्रिका के अनुसार कुछ सरकारों ने बीजिंग से इस सौदे को प्रचारित नहीं करने के लिए कहा है क्योंकि वे चिंतित हैं कि ऐसी जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता कर सकती है या देश के अंदर अनावश्यक बहस को छेड़ सकती है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार चीन के राष्ट्रपति ने कहा है ” चीन बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन, चीन ने हाल ही में विदेशी मुद्रा मुद्रित नहीं किया था। लेकिन 2013 में, बीजिंग ने बड़े पैमाने पर पूंजीगत निवेश और आधारभूत संरचना निर्माण परियोजनाओं के साथ आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए एशिया, यूरोप से अफ्रीका के 60 देशों को शामिल करने वाला एक वैश्विक विकास ब्लूप्रिंट बेल्ट और रोड प्लान लॉन्च किया।”

इस खबर पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी ट्विटर के ज़रिये देश की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने ट्वीट किया ” If true, this has disturbing national security implications. Not to mention making it easier for Pak to counterfeit. @PiyushGoyal @arunjaitley please clarify!” वैसे चीनी पत्रिका द्वारा दिए गए इस खबर पर भारतीय रिज़र्व बैंक ने ज़ोर दे कर कहा है की भारत की मुद्राएं देश के अंदर ही मुद्रित होती हैं।

हालांकि इस खबर की पुष्टि स्पार्कटीवी हिंदी नहीं करता।

 

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